SIT के सामने पेश होने के बाद विजय सांपला ने कही बड़ी बात, बोले…
जालंधर 23 जून (ब्यूरो) : बहुचर्चित वर्ष 2015 के बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला सोमवार को जालंधर स्थित पीएपी कॉम्प्लेक्स में एसआईटी के समक्ष पेश हुए।
पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विजय सांपला ने कहा कि उन्हें वर्ष 2018 में राज्यपाल को सौंपे गए एक मांग पत्र के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय वह पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नहीं थे, हालांकि अकाली दल-भाजपा गठबंधन की ओर से एक संयुक्त मांग पत्र राज्यपाल को सौंपा गया था।
सांपला ने कहा कि उन्होंने एसआईटी से मांग पत्र की प्रति उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि दस्तावेज देखने के बाद ही वह इस मामले में विस्तृत जवाब दे पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रति मिलने के बाद वह उसे मीडिया के सामने भी सार्वजनिक करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें डराने के उद्देश्य से एसआईटी के सामने बुलाया गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच टीम दोबारा बुलाती है तो वह पूरा सहयोग करेंगे।
विजय सांपला ने कहा कि इस मामले में भाजपा का सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि समन देने आए अधिकारियों को भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि उन्हें किस कार्यालय में पेश होना है। बाद में उन्हें पता चला कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है और इसकी निगरानी डीआईजी प्रमोद कुमार कर रहे हैं।
सांपला ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सैकड़ों मांग पत्र सौंपे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड की घटनाएं वर्ष 2015 की हैं, जबकि वह 2016 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने थे। ऐसे में उन्होंने एसआईटी से यह भी पूछा है कि उन्हें इस मामले में किस आधार पर शामिल किया गया है।
गौरतलब है कि विजय सांपला के अलावा फरीदकोट के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ को भी पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है।
एसआईटी ने सांपला को थाना बाजाखाना में 14 अक्टूबर और 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज मामलों के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया था। उल्लेखनीय है कि बेअदबी की घटनाओं और उसके बाद बहबल कलां में हुए गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक माहौल पर गहरा प्रभाव डाला था।

