पंजाब में अप्रैल में ही झुलसाने लगी गर्मी, पारा 44 डिग्री तक पहुंचा
जालंधर 24 अप्रैल (ब्यूरो) : पंजाब में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल महीने में ही तापमान कई जिलों में 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि 26 अप्रैल के बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट और थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय घर से बाहर निकलना काफी खतरनाक हो सकता है। खासकर दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है। इस दौरान लू लगने, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की गर्मी में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
कैसे करें बचाव
तेज गर्मी और हीट वेव से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, कोशिश करें कि दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें। अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो सिर को ढककर रखें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं, भले ही प्यास न लगे। इसके अलावा छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी और फलों का जूस शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें और धूप से सीधे संपर्क से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को खास ध्यान में रखें और उन्हें ज्यादा देर तक धूप में न रहने दें।
घर के अंदर भी ठंडक बनाए रखने के लिए पर्दे बंद रखें और जरूरत पड़ने पर पंखे या कूलर का इस्तेमाल करें। भारी और तैलीय भोजन से बचें और हल्का, सुपाच्य खाना खाएं। तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल खाने से शरीर हाइड्रेट रहता है।
लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हों
अगर किसी को तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, तेज बुखार या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो यह हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, पानी पिलाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
मौसम विभाग का कहना है कि 26 अप्रैल के बाद पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को कुछ राहत मिलेगी। तब तक सतर्क रहना और सावधानियां अपनाना ही इस भीषण गर्मी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।

