रेलवे फाटक समय से पहले बंद होने से लोग परेशान, जानिए क्या हैं रेलवे के नियम और प्रक्रिया
न्यूज़ नेटवर्क 16 मई (ब्यूरो) : शहर के विभिन्न रेलवे फाटकों पर ट्रेन आने से 15 से 20 मिनट पहले ही गेट बंद किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों का समय तथा ईंधन दोनों बर्बाद होता है।
क्या है रेलवे की सामान्य प्रक्रिया
रेलवे अधिकारियों के अनुसार किसी भी लेवल क्रॉसिंग (रेलवे फाटक) को बंद करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। जब ट्रेन अपने पिछले स्टेशन से रवाना होती है या संबंधित सिग्नल सिस्टम के जरिए फाटक कर्मचारी को ट्रेन के आने की सूचना मिलती है, तभी गेटमैन को फाटक बंद करने की तैयारी करने के निर्देश दिए जाते हैं।
सामान्य तौर पर कोशिश की जाती है कि फाटक को ट्रेन के पहुंचने से लगभग 5 से 10 मिनट पहले बंद किया जाए। यह समय दूरी, ट्रेन की गति, ट्रैक की स्थिति और सिग्नल प्रणाली पर निर्भर करता है। व्यस्त मार्गों या ऐसे स्थानों पर जहां एक के बाद एक कई ट्रेनें गुजरनी हों, फाटक अधिक समय तक बंद रह सकता है।
क्यों बंद हो जाता है फाटक 15 से 20 मिनट पहले
रेलवे के अनुसार कई बार निम्न कारणों से फाटक अपेक्षा से अधिक समय तक बंद रहता है
1. एक ही ट्रैक पर लगातार दो या अधिक ट्रेनों का संचालन।
2. किसी ट्रेन का निर्धारित समय से धीमी गति से आना।
3. सिग्नल क्लियर न होने के कारण ट्रेन का फाटक से पहले रुक जाना।
4. तकनीकी कारणों या सुरक्षा संबंधी निर्देशों के चलते गेट पहले बंद करना।
5. मैनुअल ऑपरेशन वाले फाटकों पर अतिरिक्त सावधानी बरतना।
रेलवे के लिए सुरक्षा सर्वोपरि
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फाटक संचालन में सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है। यदि गेट समय से पहले बंद करने से किसी दुर्घटना की संभावना कम होती है, तो गेटमैन को सुरक्षा मानकों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार होता है।
लोगों की क्या है शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार ट्रेन काफी देर बाद आती है, लेकिन फाटक पहले ही बंद कर दिया जाता है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि यदि ट्रेन के वास्तविक आगमन समय के अनुसार गेट बंद किए जाएं तो जाम की स्थिति काफी हद तक कम हो सकती है।
रेलवे के लिए सुरक्षा सर्वोपरि
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फाटक संचालन में सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है। अक्सर देखा जाता है कि जैसे ही फाटक बंद होना शुरू होता है, कुछ लोग जोखिम उठाकर तेजी से पटरी पार करने लगते हैं। यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इसी कारण कई बार गेटमैन एहतियातन फाटक को समय से कुछ पहले बंद कर देता है, ताकि लोगों को समय रहते रोका जा सके और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
रेलवे से लोगों की मांग
क्षेत्रवासियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि फाटक बंद करने की अवधि को यथासंभव कम किया जाए और यदि किसी कारणवश गेट लंबे समय तक बंद रखना पड़े तो इसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले या सार्वजनिक घोषणा के माध्यम से दी जाए।
शिकायत कहां करें
यदि किसी रेलवे फाटक पर लगातार आवश्यकता से अधिक समय तक गेट बंद रखा जा रहा है, तो यात्री और स्थानीय निवासी संबंधित स्टेशन मास्टर, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय या भारतीय रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन जहां भी संचालन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता होगी, वहां जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

