बाबा बर्फानी के दर्शन को तैयार भक्त, अमरनाथ यात्रा का पंजीकरण आज से शुरू
जालंधर 15 अप्रैल (ब्यूरो) : अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए आयोजित होने वाली अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होगी, जिसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया आज से आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। रजिस्ट्रेशन के पहले ही दिन देशभर के विभिन्न बैंकों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में भक्तों के उत्साह को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल हो सकते हैं। प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं तथा सुरक्षा, स्वास्थ्य और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पास दो प्रमुख मार्ग उपलब्ध रहेंगे। पहला पहलगाम मार्ग है, जिसकी कुल दूरी लगभग 46 किलोमीटर है। यह मार्ग लंबा जरूर है, लेकिन इसकी चढ़ाई अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है, इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी रास्ते को चुनते हैं। दूसरा बालटाल मार्ग है, जिसकी दूरी करीब 14 किलोमीटर है। यह मार्ग छोटा है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। जो श्रद्धालु कम समय में यात्रा पूरी करना चाहते हैं, वे अक्सर इस मार्ग का चयन करते हैं।
श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। आवेदन के दौरान फोटो और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अपलोड करना जरूरी होगा। वहीं ऑफलाइन पंजीकरण देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में किया जा सकेगा, जहां ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर यात्रा परमिट जारी किए जाएंगे। यात्रा पंजीकरण शुल्क प्रति व्यक्ति 150 रुपये निर्धारित किया गया है।
यात्रा की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने स्वास्थ्य संबंधी कुछ सख्त नियम लागू किए हैं। यात्रा के लिए वही श्रद्धालु पात्र होंगे जिनकी आयु 13 वर्ष से 70 वर्ष के बीच होगी। इसके अलावा 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रत्येक यात्री के लिए 8 अप्रैल 2026 के बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू अथवा कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा। यह कार्ड सुरक्षा और ट्रैकिंग व्यवस्था के तहत जारी किया जाएगा। बिना RFID कार्ड के किसी भी श्रद्धालु को चंदनवाड़ी या डोमेल प्रवेश द्वार से आगे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर जाने से पहले सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और अपनी स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जांच करवाकर ही यात्रा के लिए रवाना हों, ताकि बाबा बर्फानी के दर्शन का यह पावन सफर सुरक्षित और सफल बन सके।

