गुरुनानक पुरा में ROB के विरोध में बाजार बंद, सड़क पर उतरे दुकानदार और इलाका निवासी

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गुरुनानक पुरा में ROB के विरोध में बाजार बंद, सड़क पर उतरे दुकानदार और इलाका निवासी

जालंधर 21 जुलाई (ब्यूरो) : जालंधर के गुरुनानक पुरा क्षेत्र में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के विरोध में सोमवार को स्थानीय दुकानदारों और क्षेत्रवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध के समर्थन में पूरे बाजार को बंद रखा गया और लोगों ने सरकार से आरओबी की जगह अंडरब्रिज बनाने की मांग की।

 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार देशभर में 75 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण कर रही है, जिसके तहत हाल ही में करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया गया। इसके एक सप्ताह पहले रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गढ़ा और गुरुनानक पुरा रेलवे फाटक पर बनने वाले ओवरब्रिज परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया था। उस दौरान स्थानीय लोगों ने मंत्री के समक्ष ओवरब्रिज की बजाय अंडरब्रिज बनाने की मांग रखी थी।

 

दुकानदारों ने बताया कि नंगलशामा रोड पर बने ओवरब्रिज के बाद वहां 300 से अधिक दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ है और कई घरों के रास्ते भी बाधित हो गए हैं। उनका कहना है कि यदि गुरुनानक पुरा फाटक पर भी ओवरब्रिज बनता है तो आधा किलोमीटर के दायरे में स्थित पूरी मार्केट का कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा। वर्षों से दुकानें चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

 

 

प्रदर्शन में शामिल भाजपा नेता रविंद्र धीर ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर गुरुनानक पुरा में प्रस्तावित आरओबी को अंडरब्रिज में बदलने की मांग की है, ताकि लोगों के रोजगार और व्यापार पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

स्थानीय निवासी अनिता अरोड़ा ने कहा कि ओवरब्रिज बनने से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। उनका कहना है कि अंडरब्रिज बनने से यातायात की सुविधा भी बनी रहेगी और व्यापार भी प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर ओवरब्रिज के नीचे असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

प्रदर्शन में शामिल एक बुजुर्ग निवासी ने कहा कि यदि सरकार ओवरब्रिज बनाने के फैसले पर कायम रहती है तो निर्माण कार्य के दौरान कम से कम तीन वर्षों तक दुकानदारों और स्थानीय लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स, पानी का बिल तथा अन्य नगर निगम कर नहीं लिए जाने चाहिए। उनका कहना था कि निर्माण के दौरान बच्चों की स्कूल और कॉलेज आने-जाने की परेशानी भी बढ़ेगी। उन्होंने दावा किया कि तकनीकी रूप से यहां अंडरब्रिज बनाया जा सकता है, लेकिन यदि ओवरब्रिज बनाया गया तो व्यापार चौपट हो जाएगा और लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। इसी मांग को लेकर क्षेत्र के लोग शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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