इनोसेंट हार्ट्स के एजुकेशन कॉन्क्लेव में AI और मानवीय मूल्यों पर हुआ मंथन
जालंधर 25 जुलाई (ब्यूरो) : इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने बौरी मेमोरियल एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘दिशा–एन इनिशिएटिव’ के तहत लोहारां कैंपस में “हार्ट, माइंड एंड मशीन” विषय पर एक भव्य एजुकेशन कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस सम्मेलन में क्षेत्र के 100 से अधिक सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षाविद, शिक्षा विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा में मानवीय मूल्यों और आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, के संतुलित उपयोग पर विचार-विमर्श करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप की सीएसआर डायरेक्टर डॉ. पलक गुप्ता बौरी के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने संस्थापक स्वर्गीय कमलेश बौरी के उस विजन को साझा किया, जिसके तहत संस्था की स्थापना गुणवत्तापूर्ण, मूल्य आधारित और समग्र शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सीबीएसई रीजनल ऑफिस, लुधियाना के रीजनल ऑफिसर संजय कुमार बिष्ट तथा संदीप राजपाल ने शिरकत की। उनके साथ एडवाइजरी पैनल के सदस्यों दीपा डोगरा, डॉ. वंदना शाही, डॉ. हरमीत बड़ैच, डॉ. विनोदिता संख्यान, परमजीत कौर ढिल्लों और योगेश गंभीर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इसके बाद “विकसित भारत-2047” थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने देश के उज्ज्वल भविष्य और समृद्ध भारत की झलक प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि संजय कुमार बिष्ट ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सशक्त बनाने तथा बदलते समय के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाने पर बल दिया।

कॉन्क्लेव के दौरान कई विषय विशेषज्ञों ने शिक्षा और तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। दीपा डोगरा ने बताया कि किस प्रकार मानव और मशीन की साझेदारी भविष्य की बुद्धिमान शिक्षा प्रणाली को नई दिशा दे सकती है। डॉ. वंदना शाही ने ‘एनहांसिंग लर्निंग विदाउट रिप्लेसिंग ह्यूमैनिटी’ विषय पर अपने विचार रखे, जबकि डॉ. अरुण जॉन मसीह ने समावेशी शिक्षा और तकनीक के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।

एजुकेयर लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशंस संदीप कामरा ने ‘कनेक्टेड पैरेंट-स्कूल पार्टनरशिप’ की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी विषय पर कई पुस्तकें लिख चुकीं मीनू कुमार ने ‘ए कॉग्निटिव माइंड एंड एन एम्पैथेटिक हार्ट’ विषय पर प्रेरणादायक सत्र प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में “मास्टरिंग डिजिटल पेडागॉजी फॉर इम्पैक्टफुल लर्निंग” विषय पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसका संचालन डॉ. विनोदिता संख्यान ने किया। इस चर्चा में आशीष साहनी, डॉ. सोनिया मागो, रजनी कालड़ा और आभा अरोड़ा ने डिजिटल शिक्षा के बदलते स्वरूप और उसके प्रभावों पर अपने अनुभव साझा किए।
एक अन्य पैनल चर्चा “डिजिटल डिवाइड वर्सेस द इन्क्लूजन ब्रिज” विषय पर आयोजित की गई, जिसकी मॉडरेटर परमजीत कौर ढिल्लों रहीं। इस सत्र में आरती दादा, संध्या दीवान, डॉ. अंजू मेहता, डॉ. रमन दुआ और डॉ. संतोष कुमार गौतम ने शिक्षा में तकनीक की समान पहुंच और समावेशी व्यवस्था पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में इनोसेंट हार्ट्स के चेयरमैन डॉ. अनूप बौरी और डॉ. पलक गुप्ता बौरी ने मुख्य अतिथि संजय कुमार बिष्ट और संदीप राजपाल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके बाद ग्रुप फोटोग्राफी, दोपहर भोज और हाई-टी के दौरान प्रतिभागियों को आपसी संवाद और नेटवर्किंग का अवसर मिला।
सम्मेलन का समापन सम्मान समारोह और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन शिक्षा जगत के लिए एक प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां शिक्षकों और विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल शिक्षा और मानवीय मूल्यों के समन्वय के माध्यम से भविष्य की शिक्षा प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने पर व्यापक चर्चा की।
