जालंधर : चार घंटे की हाउस मीटिंग पर भारी पड़े ढाई मिनट,हंगामे के बीच इतने करोड़ का बजट पास

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जालंधर : चार घंटे की हाउस मीटिंग पर भारी पड़े ढाई मिनट,हंगामे के बीच इतने करोड़ का बजट पास

जालंधर 30 मार्च (ब्यूरो) : जालंधर में सोमवार को नगर निगम हाउस की बैठक राजनीतिक टकराव और हंगामे के बीच सुर्खियों में रही। यह बैठक रेड क्रॉस भवन में आयोजित की गई, जो करीब चार घंटे तक चली। बैठक की शुरुआत सामान्य तरीके से हुई, लेकिन जैसे ही वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने की प्रक्रिया शुरू हुई, माहौल अचानक गरमा गया।

मेयर वनीत धीर द्वारा 569.40 करोड़ रुपये का बजट पेश करते ही विपक्षी पार्षदों कांग्रेस और भाजपा ने ‘शून्यकाल’ की मांग को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि बजट से पहले जनहित के मुद्दों पर चर्चा होना जरूरी है, लेकिन सत्ताधारी पक्ष ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

 

हंगामे के दौरान विपक्षी पार्षद सदन के बीच खड़े होकर नारेबाजी करते रहे, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित होती नजर आई। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच नगर निगम प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए महज ढाई मिनट के भीतर ही बजट को मंजूरी दे दी। चार घंटे चली बैठक में बजट का इतनी तेजी से पास होना विपक्ष के गुस्से का कारण बन गया।

विपक्ष ने इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाया गया और पार्षदों को अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाने का अवसर नहीं दिया गया। उनका कहना था कि जल्दबाजी में बजट पास कर पारदर्शिता को नजरअंदाज किया गया है।

दूसरी ओर, मेयर वनीत धीर ने बजट को शहर के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम बताया। 569.40 करोड़ रुपये के बजट में से करीब 200 करोड़ रुपये विकास कार्यों—जैसे सड़कों का निर्माण व मरम्मत, सीवरेज सुधार और पेयजल आपूर्ति—के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 312.70 करोड़ रुपये प्रशासनिक और विभागीय खर्चों के लिए तथा 55.56 करोड़ रुपये अन्य मदों के लिए रखे गए हैं।

मेयर ने दावा किया कि नगर निगम की आय में सुधार हुआ है, जिसके चलते बजट का आकार बढ़ाया गया है और आने वाले समय में योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

हालांकि बजट पारित होने के बाद शून्यकाल शुरू किया गया, लेकिन तब तक विपक्ष का गुस्सा शांत नहीं हुआ था। पार्षद लगातार विरोध जताते रहे और कहा कि उनकी बात को नजरअंदाज किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जालंधर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चार घंटे की बैठक में ढाई मिनट में बजट पास होने को लेकर सत्ताधारी और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।

 

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