सूर्या एन्क्लेव में 72 लाख की लूट का मामला : दो बार रेकी, तीसरी बार वारदात
जालंधर 20 अगस्त (ब्यूरो) :
सूर्या एन्क्लेव एक्सटेंशन के पास लोहा कारोबारी ललित मित्तल से हुई करीब 72 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि वारदात की पूरी साजिश कारोबारी के पर्सनल ड्राइवर सन्नी खोसला ने करीब एक महीने पहले ही तैयार कर ली थी। सन्नी को कारोबारी और उनके परिवार का काफी भरोसा हासिल था, जिसका फायदा उठाकर उसने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को साजिश में शामिल किया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी इससे पहले भी दो बार लूट के इरादे से शहर आए थे, लेकिन दोनों बार मित्तल के पास अपेक्षाकृत कम नकदी होने के कारण वापस लौट गए। सोमवार को कारोबारी के पास बड़ी रकम आने की जानकारी सन्नी ने अपने साथियों को दी। इसके बाद बदमाश पूरी तैयारी के साथ पहुंचे और लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
वारदात के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल फोन की टावर लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। लूट में इस्तेमाल की गई सफेद टोयोटा इटिओस कार पुलिस की जांच में अहम सुराग बनी। कार का नंबर बदलने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर कार की पहचान कर ली। टावर लोकेशन की जांच में आरोपियों की गतिविधियां कारोबारी के दफ्तर और वारदात वाले इलाके के आसपास मिलीं।
जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले ड्राइवर सन्नी को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को उसके साथियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद शहर से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे पांच आरोपियों को भी पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 60 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है। बाकी रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है।
तीन साल से मित्तल के साथ काम कर रहा था सन्नी
सन्नी करीब तीन साल से ललित मित्तल के ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। परिवार को उस पर काफी भरोसा था। वारदात वाले दिन वह शाम करीब चार बजे मित्तल की पत्नी को लेने गया था और करीब ढाई घंटे तक उनके साथ रहा। शाम करीब साढ़े छह बजे पत्नी को घर छोड़ने के बाद वह वापस चला गया। इसी दौरान उसके साथी मित्तल के घर के आसपास मौजूद थे।
जब मित्तल ने दफ्तर के सीसीटीवी कैमरे चेक करने की बात कही तो सन्नी ने जल्दबाजी में कैमरे बंद होने की बात कह दी। हालांकि, मित्तल के अनुसार कैमरे चालू थे। सन्नी से मोबाइल नंबर मांगे जाने पर उसने पहले एक नंबर दिया, जो बंद मिला। दोबारा नंबर पूछने पर उसने दूसरा नंबर दिया। पुलिस जांच में यही नंबर लुटेरों से संपर्क के लिए इस्तेमाल होने की बात सामने आई।
फॉरेंसिक जांच और मोबाइल लोकेशन से पुलिस का शक और मजबूत हुआ। पूछताछ में सन्नी ने कथित तौर पर साजिश से जुड़े कई राज खोले। पुलिस ने उस युवती से भी पूछताछ की, जिसे सन्नी ने करीब 20 दिन पहले मित्तल के दफ्तर में काम पर रखवाया था। पुलिस ने सन्नी की दूसरी पत्नी से भी पूछताछ की है।
18 हजार रुपये वेतन, मालिक से था भरोसा
पूछताछ में सन्नी ने बताया कि उसे हर महीने करीब 18 हजार रुपये वेतन मिलता था। पुलिस के अनुसार, उसने करीब एक महीने पहले लूट की योजना बनानी शुरू कर दी थी। उसने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को इसमें शामिल किया और साथियों से कारोबारी की रेकी करवाई।
आरोपियों ने अगस्त में दो बार टांडा रोड की तरफ आकर कारोबारी के पास मौजूद नकदी की जानकारी जुटाई, लेकिन दोनों बार रकम कम होने के कारण लूट की योजना टाल दी गई। सोमवार को बड़ी पेमेंट आने की जानकारी मिलते ही सन्नी ने साथियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद सभी आरोपी पहले से तय योजना के अनुसार पहुंचे और लूट को अंजाम देकर फरार हो गए।
पुलिस अब बरामद 60 लाख रुपये के अलावा बाकी रकम की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि साजिश में और कितने लोग शामिल थे और लूट के बाद आरोपियों ने रकम को कहां-कहां छिपाया था।
