विश्व पर्यावरण दिवस पर इनोसेंट हार्ट्स की अनोखी पहल, प्लास्टिक बोतलों से बनाया वर्टिकल गार्डन
जालंधर 5 जून (ब्यूरो) : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक अनूठी पहल की। संस्थान के पर्यावरण प्रकोष्ठ द्वारा दिशा–एक पहल के तहत “प्लास्टिक बोतलों को हरित जीवन स्थल में बदलना” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग को बढ़ावा देना और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना था। इस दौरान इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुकी प्लास्टिक बोतलों को एकत्रित कर उन्हें पौधे लगाने योग्य गमलों में परिवर्तित किया गया। इन गमलों की सहायता से संस्थान परिसर में एक सुंदर वर्टिकल गार्डन तैयार किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

इस रचनात्मक गतिविधि के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि अनुपयोगी वस्तुओं का सही तरीके से पुनः उपयोग किया जाए तो वे पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को जिम्मेदार कचरा प्रबंधन अपनाने और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश था कि प्लास्टिक कचरे को बोझ नहीं, बल्कि हरित संपदा में बदला जा सकता है। इसी सोच के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उद्यान निर्माण में सक्रिय योगदान दिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

संस्थान की सीएसआर डायरेक्टर डॉ. पलक गुप्ता बौरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी को प्रकृति के संरक्षण के लिए आगे आने और स्वच्छ तथा हरित भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संस्थान द्वारा यह भी अपील की गई कि भविष्य में उपयोग के बाद बची प्लास्टिक बोतलों को फेंकने के बजाय पर्यावरण प्रकोष्ठ को सौंपा जाए, ताकि उनका उपयोग पौधारोपण और अन्य हरित परियोजनाओं में किया जा सके।
इस पहल के जरिए इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ने एक बार फिर सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए युवाओं को हरित सोच अपनाने का प्रेरणादायक संदेश दिया।

