सड़कों पर बिखरता कचरा बढ़ा रहा प्रदूषण और बदबू की समस्या,पढ़े
जालंधर 28 फरवरी (ब्यूरो) : जालंधर शहर में ओवरलोड वाहनों की समस्या पहले से ही गंभीर बनी हुई है, लेकिन अब नगर निगम की गाड़ियों द्वारा भी क्षमता से अधिक कूड़ा ढोने का मामला सामने आ रहा है। सड़कों पर खुले तौर पर और बिना ढके कूड़ा ले जाने से जहां शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शहर में आमतौर पर निजी वाहन चालकों द्वारा सामान ओवरलोड करके ले जाने के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन अब नगर निगम जालंधर की कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में भी ट्रकों की निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक कचरा भरकर ले जाया जा रहा है। कूड़ा गाड़ियों में इतना अधिक भरा होता है कि रास्ते में चलते समय वह सड़कों पर गिरता और बिखरता रहता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि कूड़े को बिना ढके ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा रहा है। इससे सड़कों पर गंदगी फैलने के साथ-साथ बदबू और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है। गाड़ियों के पीछे चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को खासतौर पर परेशानी का सामना करना पड़ता है, क्योंकि उड़ता हुआ कचरा उनके ऊपर गिरने का भी खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा शहर में स्वच्छता बनाए रखने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति कुछ और ही नजर आती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि जब निजी वाहनों द्वारा ओवरलोड सामान ले जाने पर कार्रवाई की जाती है, तो नगर निगम की गाड़ियों द्वारा नियमों की अनदेखी क्यों की जा रही है।
गौरतलब है कि पहले भी कूड़े को खुले में और बिना ढके परिवहन करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट कहा गया था कि कूड़ा ले जाने वाले वाहनों को ढककर ही परिवहन किया जाए ताकि सड़क पर गंदगी न फैले और आम जनता को परेशानी न हो। इसके बावजूद इन निर्देशों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है।
शहरवासियों का कहना है कि यदि इसी तरह खुले में कूड़ा ले जाया जाता रहा तो स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण के प्रयास प्रभावित होंगे। लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों और मेयर से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने तथा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

