सोमवती अमावस्या पर करें इन वस्तुओं का दान, दूर होंगे कष्ट और ग्रह दोष
न्यूज़ डेस्क 13 जून (ब्यूरो) : इस वर्ष ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर सोमवती अमावस्या का पावन पर्व मनाया जाएगा। 15 जून, सोमवार को पड़ने वाली यह अमावस्या कई शुभ संयोगों के कारण विशेष महत्व रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से पापों का नाश होता है, कष्ट दूर होते हैं और ग्रह दोषों से भी राहत मिलती है।
इस बार सोमवती अमावस्या के साथ मिथुन संक्रांति का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। इसी दिन सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश करने के साथ ही मिथुन संक्रांति आरंभ होगी, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है।
यह सोमवती अमावस्या अधिकमास में पड़ रही है, जो लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और इसके अधिपति भगवान विष्णु माने जाते हैं। ऐसे में इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की विशेष पूजा का महत्व बढ़ जाता है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है। ये दोनों शुभ योग सुबह 5:23 बजे से शाम 7:08 बजे तक रहेंगे। मान्यता है कि इन योगों में किए गए कार्य सफल होते हैं और स्नान-दान का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
मिथुन संक्रांति का समय दोपहर 12:59 बजे रहेगा, जब सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन संक्रांति का महापुण्य काल दोपहर 12:59 बजे से 3:19 बजे तक रहेगा, जबकि पुण्यकाल दोपहर 12:59 बजे से शाम 7:20 बजे तक माना गया है।
सोमवती अमावस्या पर जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, फल, जल से भरा घड़ा, छाता तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए दान और पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

