विदेश भेजने के नाम पर लाखों लेने का आरोप, पिरामिड ई-सर्विस के दफ्तर के बाहर भड़के पीड़ित परिवार

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विदेश भेजने के नाम पर लाखों लेने का आरोप, पिरामिड ई-सर्विस के दफ्तर के बाहर भड़के पीड़ित परिवार

जालंधर 1 सितंबर (ब्यूरो) : जालंधर में विदेश जाने और स्टडी वीजा लगवाने का सपना देख रहे कई छात्रों और उनके परिवारों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब उन्होंने पिरामिड ई-सर्विस नामक ट्रेवल एजेंसी के दफ्तर के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी पर लाखों रुपये लेने के बावजूद वीजा प्रक्रिया में लापरवाही बरतने और विदेश भेजे गए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए।

 

प्रदर्शन में शामिल सुखविंदर कौर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी नवजीत कौर को कनाडा के कैलगरी स्थित पटाज कॉलेज में दाखिला दिलवाकर स्टडी वीजा पर भेजा गया था। परिवार का दावा है कि बाद में उन्हें पता चला कि जालंधर के एक एजेंट के माध्यम से चल रहे कथित फर्जी कॉलेज में दाखिला कराया गया। पीड़िता के मुताबिक, बेटी एक-दो साल पढ़ाई करने के बावजूद अब वर्क परमिट और क्रेडिट को लेकर परेशान है। परिवार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में उनकी बड़ी रकम खर्च हो चुकी है और बेटी का भविष्य भी अधर में लटक गया है।

 

 

वहीं प्रदर्शन में पहुंचे नवनीत कुमार ने एजेंसी पर करीब 65 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि उसने ऑस्ट्रेलिया के स्टडी वीजा के लिए आवेदन किया था। कई महीनों तक इंतजार करने के बाद भी उसे उचित जवाब नहीं मिला। आरोप है कि वीजा जारी होने की बात कहने के अगले ही दिन आवेदन को होल्ड पर बता दिया गया। नवनीत के मुताबिक, वह लंबे समय से एजेंसी के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने अपनी 22 वर्षीय बेटी की मौत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। महिला का कहना था कि उसकी बेटी को शारजाह भेजने की बात कहकर ओमान भेज दिया गया था। आरोप है कि करीब चार महीने पहले उसकी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पीड़ित मां ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि आरोपियों को बचाने के लिए मिलीभगत की गई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जब वे अपनी शिकायत लेकर एजेंसी के कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे बातचीत करने के बजाय उनसे दूरी बनाने की कोशिश की। पीड़ितों ने सुनील, निताशा और काजल नाम के अधिकारियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें उचित जवाब नहीं दिया गया।

मौके पर पुलिस भी पहुंची और प्रदर्शनकारियों से उनकी शिकायतें तथा संबंधित दस्तावेज लिए गए। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग गांवों से कई लोग अपनी शिकायत लेकर एकत्रित हुए थे। पुलिस ने मामले से जुड़े दस्तावेज हासिल कर लिए हैं और शिकायतों की जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित परिवारों ने साफ किया कि यदि उन्हें जल्द इंसाफ नहीं मिला तो वे पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।

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