शाहकोट पुलिस की रेड पर उठे सवाल,CCTV ने खोली रेड की पोल

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पहले खुद ही रखी फिर खुद ही पकड़ी, SSP ने लिया एक्शन

जालंधर 11 अप्रैल (ब्यूरो) : जालंधर के शाहकोट थाना क्षेत्र में पुलिस की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि पुलिसकर्मी एक प्राइवेट वाहन की डिक्की से नीले रंग का ड्रम निकालते हैं और बाद में उसी ड्रम को बरामदगी के रूप में पेश किया जाता है।

 

मामला 9 अप्रैल को दर्ज FIR नंबर 90 से जुड़ा है, जिसमें शाहकोट पुलिस ने दावा किया कि गांव दौलतपुर ढड्डा निवासी अकरम के घर से 35 लीटर लाहन बरामद की गई। पुलिस और एक्साइज विभाग के अनुसार यह लाहन घर के तूड़ी वाले कमरे में रखे नीले ड्रम से मिली थी। लेकिन वायरल CCTV फुटेज इस दावे पर सवाल खड़े कर रहा है।

फुटेज में देखा जा सकता है कि पहले एक सफेद रंग की XUV गली में पहुंचती है, जिसमें से कुछ लोग उतरते हैं। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंचती है और सीधे एक घर में दाखिल हो जाती है। इसी दौरान वाहन की डिक्की खोली जाती है और उसमें से नीला ड्रम उतारा जाता है, जिसे दो लोग उठाकर अंदर ले जाते दिखाई देते हैं। पूरी कार्रवाई के दौरान करीब सात लोग मौके पर मौजूद दिख रहे हैं, जिनमें चार पुलिस वर्दी में और तीन सिविल ड्रेस में नजर आ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार जिस समय रेड हुई, उस वक्त घर में कोई मौजूद नहीं था। CCTV फुटेज में भी घर के भीतर से किसी के बाहर आने का दृश्य नहीं दिखता। इतना ही नहीं, घर का गेट पहले से खुला दिखाई देता है और पुलिस बिना दस्तक दिए सीधे अंदर प्रवेश कर जाती है।

घटना के दो दिन बाद भी अकरम घर पर नहीं मिला। जब उसके परिवार से बातचीत की गई तो परिवार के सदस्य डरे-सहमे नजर आए और पुलिस कार्रवाई पर कुछ भी बोलने से बचते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि अकरम मजदूरी करता है और स्थानीय राजनीति से भी जुड़ा हुआ है। उसके खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।

शाहकोट थाना पुलिस द्वारा दर्ज एक्साइज एक्ट मामले में सामने आए विवाद के बाद एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। एसएसपी के अनुसार 9 अप्रैल को एक्साइज एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर में रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी अकरम से 35 लीटर लाहन बरामद दिखाया गया था।

मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में दिखाई देता है कि पुलिसकर्मी एक निजी वाहन से नीला ड्रम लेकर आरोपी के घर के बाहर पहुंचते हैं और फिर ड्रम अंदर ले जाते हैं। कुछ देर बाद वही ड्रम बाहर निकालते हुए नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हुए।

प्राथमिक जांच के दौरान डीएसपी ने पाया कि बरामदगी के लिए इस्तेमाल किया गया ड्रम पुलिस टीम अपने साथ लेकर गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद निष्पक्ष जांच करवाई गई, जिसके बाद थाना शाहकोट के इंस्पेक्टर व एसएचओ बलविंदर सिंह, एएसआई सुखविंदर सिंह और महिला कांस्टेबल हैवनप्रीत कौर को लाइन हाजिर कर दिया गया।

इसके अलावा एसपी विनीत को मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अकरम का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वहीं वायरल सीसीटीवी फुटेज में सिल्वर इकोस्पोर्ट गाड़ी से पुलिस टीम खुद नीला ड्रम उतारती दिखाई देती है। ड्रम को दो पुलिसकर्मी उठाते हुए नजर आते हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि ड्रम पहले से भरा हुआ था। पूरी कार्रवाई के दौरान सात पुलिसकर्मी कैमरे में कैद हुए और करीब 13 मिनट में बरामदगी की प्रक्रिया पूरी कर ड्रम सील कर ले जाया गया।

सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के समय आरोपी अकरम घर पर मौजूद नहीं था। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार एक्साइज स्टाफ के एएसआई सुखदेव सिंह ने सूचना दी थी कि अकरम के घर रेड के दौरान लाहन बरामद हुई है। इसके बाद एएसआई सुखविंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तूड़ी वाले कमरे में रखे नीले प्लास्टिक ड्रम से 35 लीटर लाहन मिलने की बात कही गई। पुलिस रिकॉर्ड में मौके पर सैंपल लेने, ड्रम सील करने और जब्ती प्रक्रिया पूरी करने का उल्लेख है। इसी आधार पर आरोपी अकरम के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 61 के तहत मामला दर्ज किया गया।

 

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