पुलिस की व्यवस्था बनी लोगों के लिए मुसीबत
जालंधर 30 अगस्त (सुखविंदर बग्गा) : जालंधर के थाना रामा मंडी के बाहर सड़क पर खड़े किए गए वाहनों को लेकर अब पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने ट्रैफिक से जुड़े मामलों में पकड़े गए कई वाहनों को थाने के बाहर सड़क के हिस्से में खड़ा कर रखा है, जिसके चलते पूरी सड़क का एक हिस्सा प्रभावित हो गया है और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


जानकारी के मुताबिक, इनमें कई ऐसे वाहन हैं जिन्हें कोर्ट की ओर से रिलीज किया जा चुका है, लेकिन उनके मालिक अभी तक वाहन लेने के लिए नहीं पहुंचे हैं। पुलिस का कहना है कि इन वाहनों को उनके मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाहनों को वापस सौंपा जा रहा है।
पुलिस की ओर से जब्त वाहनों को उनके मालिकों तक पहुंचाने की कार्रवाई को सुविधा के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन दूसरी तरफ इन्हीं वाहनों को सड़क पर खड़ा किए जाने से आम लोगों के लिए असुविधा पैदा हो रही है। सड़क का बड़ा हिस्सा वाहनों से घिर जाने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है।
ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि अगर सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने पर आम लोगों के चालान काटे जाते हैं और कार्रवाई की जाती है, तो फिर जब्त वाहनों को सड़क पर खड़ा करने के बजाय उनके लिए कोई वैकल्पिक स्थान क्यों नहीं तलाशा गया?
थाना रामा मंडी के प्रभारी के अनुसार, सड़क पर खड़े वाहन अलग-अलग मामलों में पुलिस द्वारा जब्त किए गए थे। इनमें से कुछ वाहनों को कोर्ट से रिलीज किया जा चुका है, लेकिन उनके मालिक उन्हें लेने नहीं आए हैं। पुलिस का प्रयास है कि संबंधित मालिकों का पता लगाकर वाहनों को वापस सौंपा जाए।
यानी पुलिस की मंशा भले ही लोगों को उनके वाहन वापस दिलाने की हो, लेकिन सड़क पर वाहनों की पार्किंग के कारण सुविधा के साथ-साथ आम जनता के लिए असुविधा भी पैदा हो गई है। अब जरूरत इस बात की है कि इन वाहनों के लिए कोई ऐसा स्थान तय किया जाए, जिससे लोगों की आवाजाही भी प्रभावित न हो और पुलिस की कार्रवाई भी सुचारु रूप से चलती रहे।
