इनोसेंट हार्ट्स स्कूल में प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता के साथ मनाया गया मदर्स डे
जालंधर 10 मई (ब्यूरो) : इनोसेंट हार्ट्स स्कूल के सभी पाँचों कैंपस ग्रीन मॉडल टाउन, लोहारां, कैंट-जंडियाला रोड, नूरपुर रोड और कपूरथला रोड में मदर्स डे बड़े उत्साह, प्रेम और खुशी के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर प्री-प्राइमरी से लेकर सीनियर कक्षाओं तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न भावनात्मक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी माताओं और अभिभावकों के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी उंगलियों के निशानों से सुंदर कार्ड बनाकर अपनी माताओं को समर्पित किए। बच्चों द्वारा बनाए गए ये हस्तनिर्मित उपहार माताओं के प्रति उनके निश्छल प्रेम और स्नेह का प्रतीक बने। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में प्रेम, आभार और सम्मान की भावना विकसित करना था।

कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों ने “सेलिब्रेशन ऑफ इटरनल बॉन्ड” विषय के अंतर्गत “लेटर्स फॉर मॉम” गतिविधि में भाग लेकर अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त किया।

कक्षा तीसरी और चौथी के विद्यार्थियों ने “ग्रैटिट्यूड (आभार)” गतिविधि में भाग लिया तथा “मां मेरी पहली गुरु” विषय पर सुंदर कविताओं का पाठ किया। इस गतिविधि ने एक बच्चे के जीवन में मां की पहली शिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों ने फूलों की कलाकृतियां और पेपर बुके तैयार कर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया तथा अपनी माताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत किया। उनके प्रयासों में माताओं के प्रति गहरा प्रेम और सम्मान झलक रहा था।

कक्षा छठी के विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के लिए धन्यवाद संदेश लिखे और उनकी शिक्षा तथा सर्वांगीण विकास में दिए गए अमूल्य योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

उत्सव को और विशेष बनाते हुए कक्षा सातवीं और आठवीं के विद्यार्थियों ने “थैंक्स गिविंग लेटर फॉर पैरेंटल सपोर्ट” गतिविधि में भाग लिया, जिसका विषय था “शिक्षा में अभिभावकों के सहयोग के प्रति आभार”। विद्यार्थियों ने अंग्रेजी में भावपूर्ण पत्र लिखकर अपने माता-पिता द्वारा दिए गए प्रोत्साहन, त्याग और निरंतर सहयोग के लिए सच्ची सराहना व्यक्त की।
इन गतिविधियों ने पूरे विद्यालय परिसर को भावनाओं, खुशी और कृतज्ञता से भर दिया तथा माता-पिता और बच्चों के बीच अटूट रिश्ते को और मजबूत बनाया।

