खेतों में काम कर रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़,किशोरी की मौत, कच्चे मटर बने मौत की वजह,पढ़े
न्यूज नेटवर्क 17 फरवरी (ब्यूरो) : पटियाला के एक गांव में कच्चे मटर खाने से एक किशोरी की मौत का मामला सामने आया है, जिसने लोगों को सतर्क रहने की जरूरत का संदेश दिया है। खेतों में काम के दौरान बिना धोए या जांचे फसल खाने के संभावित खतरे को लेकर यह घटना चिंता बढ़ाने वाली है।
पटियाला के गांव सधारनपुर में 16 वर्षीय प्राची की खेतों में काम करते समय अधिक मात्रा में कच्चे मटर खाने से तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की मां बलजीत कौर ने बताया कि उनका परिवार खेत मजदूर के रूप में काम करता है और रोज की तरह वे खेतों में मटर तोड़ रहे थे। इसी दौरान प्राची ने काफी मात्रा में कच्चे मटर खा लिए, जिसके कुछ समय बाद उसे उल्टियां होने लगीं और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
परिजन तुरंत उसे नजदीकी सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटियाला रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान प्राची की मौत हो गई।
परिवार ने आशंका जताई है कि खेतों में किए गए पेस्टिसाइड स्प्रे के कारण मटर जहरीले हो सकते हैं, जिससे यह हादसा हुआ। वहीं प्राची के पिता जसवंत सिंह ने भी कुछ मात्रा में कच्चे मटर खाए थे, लेकिन उल्टी होने के बाद उनकी तबीयत में सुधार हो गया।
यह घटना खेतों में काम करने वाले लोगों और आम नागरिकों के लिए चेतावनी है कि खेतों में उगाई गई फसल या सब्जियों को बिना धोए या उनकी गुणवत्ता की जांच किए सीधे खाना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, फसलों पर किए जाने वाले कीटनाशक छिड़काव के बाद उचित समय तक उन्हें सीधे सेवन नहीं करना चाहिए।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा सके।

