जालंधर 29 मार्च (ब्यूरो) : पंजाब में जापानी मार्शल आर्ट जूडो को शुरू करने वाले एवं पंजाब में जूडो के जनक जूडो कोच सुरेंद्र राजपूत का आज यहाँ भव्य स्वागत किया गया।राजपूत के शिष्य सतपाल राणा जूडो कोच एवं सबसे पहले बैच के जूडो खिलाड़ियों द्वारा गुरुओं के गुरु सुरेंद्र कुमार राजपूत के सम्मान में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
1978 में पंजाब में जूडो खेल को सबसे पहले जालंधर में सुरेंद्र राजपूत, होशियारपुर में वी एन गोर एवं पटियाला में अरुण मोदगिल के द्वारा शुरू किया गया।
सुरेंद्र राजपूत के सम्मान में उनके शिष्य सतपाल राणा जी, राजेश बाघा पूर्व अध्यक्ष चेयरमैन एस सी कमिशन पंजाब एवं पंजाब भाजपा के वाइस प्रेसिडेंट के द्वारा बुके देकर एवं हार पहनाकर स्वागत किया गया।
उनके सबसे पहले बैच के खिलाड़ियों में रमन थापर, जितेंद्र सिंह, हरविंदर सिंह, (वीनू ) कमल जस्सल l के अलावा इस अवसर पर सुरेंद्र राजपूत की महिला शिष्याएं सीमा कालिया। ( एन आई एस जूडो कोच,) सोनिया (एन आई एस जूडो कोच,) सुनीता, मनीषा, नवनीत कौर चीमा (एशियाई प्लेयर) संतोष, रजनी, जसप्रीत कौर, गीता वर्मा आदि भी उपस्थित थे।
सतपाल राणा के शिष्य अवनी कुमार शर्मा, डीएसपी पंकज शर्मा, इंस्पेक्टर पंकज शर्मा ( पोपी)। राष्ट्रीय खिलाड़ी अश्विनी कुमार, जालंधर खेल विभाग के जूडो कोच संजीव शर्मा एवं सुधीर भाटिया भी मौक़े पर मौजूद रहे ।
इस मौके पर राजेश बाघा भूतपूर्व अध्यक्ष चेयरमैन एससी कमिशन पंजाब एवं भाजपा के वाइस प्रेसिडेंट पंजाब ने कहा कि खेल में राजनीति अच्छी नहीं होती।
कोच राजपूत और राणा ने कहा कि वो हमेशा खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए काम करते रहेंगे । उन्होंने सरकारों से भी अपील की कि खेलों की ओर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है तभी देश का भविष्य उज्ज्वल होगा ।
