ठण्ड से बचने के लिए आग लगाकर ठण्ड दूर करने वाले आग जलाने से पहले पढ़ ले यह खबर

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ठण्ड से बचने के लिए आग लगाकर ठण्ड दूर करने वाले आग जलाने से पहले पढ़ ले यह खबर

न्यूज़ नेटवर्क 23 दिसंबर (ब्यूरो) : सुनाम के साईं कॉलोनी इलाके में हुई यह दर्दनाक घटना ठंड के मौसम में आग के इस्तेमाल को लेकर एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है। कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए आग सेंकना आम बात है, लेकिन जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इस हादसे में एक बुजुर्ग महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

जानकारी के अनुसार, साईं कॉलोनी निवासी बुजुर्ग महिला कौशल्या देवी ठंड से बचने के लिए घर के अंदर लोहे के तसले में लकड़ियां जलाकर आग सेंक रही थीं। वह पास ही एक मंजे पर बैठी थीं और रजाई ओढ़े हुए थीं। इसी दौरान अचानक उनका दुपट्टा आग के संपर्क में आ गया। चंद पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और उनके कपड़ों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, कौशल्या देवी गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं।

परिजनों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया और आनन-फानन में उन्हें स्थानीय सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने उनकी हालत को बेहद गंभीर बताते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजिंदरा अस्पताल, पटियाला रेफर कर दिया। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और मोहल्ले में शोक का माहौल है।

यह घटना केवल एक परिवार का निजी दुख नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ी सीख भी है। सर्दियों में आग, अंगीठी या खुले अलाव का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी असावधानी गंभीर हादसे को जन्म दे सकती है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों के मामले में अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। ढीले कपड़े, दुपट्टा या रजाई आग के पास होने से जोखिम और बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित विकल्प अपनाने चाहिए। हीटर या ब्लोअर का उपयोग करते समय भी सावधानी जरूरी है। घर के अंदर खुले आग के स्रोत का प्रयोग करते समय आसपास पानी या अग्निशमन का साधन जरूर रखें और किसी को भी अकेला आग के पास न छोड़ें।

यह हादसा सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है कि ठंड से बचने के चक्कर में सुरक्षा से समझौता न करें। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है और अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है।

 

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