इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप में “आउटकम बेस्ड एजुकेशन” कार्यशाला का आयोजन,पढ़े

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इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप में “आउटकम बेस्ड एजुकेशन” कार्यशाला का आयोजन,पढ़े

जालंधर 1 अप्रैल (ब्यूरो) : इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC) द्वारा “आउटकम-आधारित शिक्षा: शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान का एकीकरण” विषय पर एक ज्ञानवर्धक फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाना तथा शिक्षकों में शोध-आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करना था।

कार्यशाला में प्रख्यात शिक्षाविद एवं वैश्विक हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञ डॉ. वरिंदर सिंह राणा ने रिसोर्स पर्सन के रूप में भाग लिया। अपने व्यापक अकादमिक एवं औद्योगिक अनुभव के आधार पर उन्होंने आधुनिक शिक्षा पद्धतियों, पाठ्यक्रम निर्माण तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता मानकों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने शिक्षकों को शोध को अपने व्यावसायिक जीवन का आवश्यक हिस्सा बनाने और नवाचार में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

 

सत्र के दौरान शिक्षकों को उन्नत शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराया गया, जिसमें पेडागॉजी और एंड्रागॉजी से आगे बढ़ते हुए ह्यूटागॉजी (स्व-निर्धारित अधिगम) की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला में पाठ्यक्रम निर्माण, लेसन प्लानिंग तथा ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

 

कार्यशाला का एक प्रमुख आकर्षण शिक्षा में गुणवत्ता आश्वासन पर चर्चा रही, जिसमें कोर्स आउटकम्स (COs) और प्रोग्राम आउटकम्स (POs) की मैपिंग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप समझाया गया। सत्र की इंटरैक्टिव प्रकृति ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान और स्पष्ट समझ प्रदान की।

यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी सिद्ध हुआ, जिसने शिक्षकों को शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान के क्षेत्र में नवीन दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर डॉ. गगनदीप कौर धंजु (डायरेक्टर अकादमिक्स, IHGI) ने इस पहल की सराहना करते हुए रिसोर्स पर्सन का आभार व्यक्त किया और शिक्षकों को निरंतर अपने कौशल एवं शोध क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

वहीं, राहुल जैन (डायरेक्टर ऑपरेशन्स IHGI) ने आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्ता शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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