जन्माष्टमी 2025: इस बार बढ़ेगा कान्हा जन्मोत्सव का महत्व, जानें पूजा-व्रत और शुभ संयोग,पढ़े

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जन्माष्टमी 2025: इस बार बढ़ेगा कान्हा जन्मोत्सव का महत्व, जानें पूजा-व्रत और शुभ संयोग,पढ़े

📅 तिथि व विशेष योग
इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन वृद्धि, ध्रुव, ध्वजा और श्रीवत्स नाम के शुभ योग बन रहे हैं। इसके साथ बुधादित्य और गजलक्ष्मी जैसे राजयोग भी बनेंगे, जिससे जन्माष्टमी का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा।

हालाँकि, इस बार रोहिणी नक्षत्र जन्माष्टमी के दिन नहीं रहेगा। रोहिणी नक्षत्र 17 अगस्त सुबह 4:38 बजे से शुरू होकर 18 अगस्त सुबह 3:17 बजे तक रहेगा। इसलिए कान्हा की पूजा इस बार रोहिणी नक्षत्र के बिना होगी।

 

🪔 रात में ऐसे करें बाल गोपाल की पूजा

रात्रि 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाएं।
बाल गोपाल को पहले **जल व दूध** से स्नान कराएं।
फिर **दही, शहद, घी** से उनका अभिषेक करें और पुनः जल अर्पित करें।
शंख में यह सामग्री भरकर भगवान पर चढ़ाएं और शंखनाद करें।
इसके बाद भोग, फूल-माला, वस्त्र आदि अर्पित करें।
मान्यता है कि इससे लड्डू गोपाल अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

 

🌙 व्रत ऐसे रखें

सुबह व्रत का संकल्प लें और अन्न का सेवन न करें।
ब्रह्मचर्य का पालन करें और दिन में न सोएं।
वाद-विवाद से दूर रहें।
रात्रि 12 बजे कान्हा का जन्म कराने के बाद ही कुछ खाएं।

 

जन्माष्टमी के शक्तिशाली मंत्र

1. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीनन्दनाय नमः
2. कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥
3. क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
4. ॐ कृष्णाय नमः
5. ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण: प्रचोदयात।

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