एआई समिट घटना पर सियासी हलचल, कांग्रेस नेता ने कांग्रेस का हाथ छोड़ थामा भाजपा का फूल
जालंधर 21 फरवरी (ब्यूरो) : एआई समिट के दौरान कथित रूप से कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा देश के विरोध में टी-शर्ट उतारकर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के मामले को लेकर देशभर में रोष देखने को मिल रहा है। इस घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिल्ली से लेकर जालंधर सहित विभिन्न राज्यों और जिला स्तर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन आयोजित किए गए।
इसी कड़ी में जालंधर में भी एक अहम घटनाक्रम सामने आया, जिससे कांग्रेस के भीतर भी असंतोष के संकेत मिले हैं। जालंधर सेंट्रल मंडल-5 के कार्यकारी अध्यक्ष इंजीनियर चंदन रखेजा के संपर्क में एक पूर्व कांग्रेस नेता आए, जो जिला कांग्रेस सचिव अमरजीत कुमार ढिलवां (रामामंडी) के रूप में पहचान में आए। हाल ही में हुई एआई समिट की घटना से आहत होकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
चंदन रखेजा ने बताया कि उक्त नेता पहले उनके संपर्क में थे, लेकिन एआई समिट से जुड़े घटनाक्रम के बाद दोबारा बातचीत हुई। देशहित को प्राथमिकता देने पर चर्चा के बाद उन्होंने धरना-प्रदर्शन में भाग लिया और कांग्रेस को अलविदा कह दिया। इसके पश्चात जिलाध्यक्ष सुशील शर्मा, शीतल अंगुराल, अशोक सरीन हिक्की तथा इंजीनियर चंदन रखेजा की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर जालंधर सेंट्रल मंडल के उपाध्यक्ष सचिन शर्मा, संदीप पठानिया, महामंत्री गुरमीत सिंह, सचिव मंजीत मीता, सुरिंदर बिष्ट, गुरविंदर मुल्तानी सहित अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे।
मीडिया से बातचीत के दौरान अमरजीत कुमार ढिलवां ने कहा कि एआई समिट में कांग्रेस ने केवल भाजपा ही नहीं बल्कि पूरे देश का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए दल से बड़ा देश है, इसी विचार के साथ उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। उनके अनुसार भाजपा में राष्ट्र प्रथम की भावना को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है।

