कर्मचारियों पर दर्ज मामलों के विरोध में जालंधर बस स्टैंड में गरजे यूनियन सदस्य
जालंधर 12 फरवरी (ब्यूरो) : वीरवार को जालंधर के बस स्टैंड पर यूनियन की ओर से सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। यूनियन सदस्यों ने संगरूर में दो महीने पहले हुई हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मामलों और उनकी गिरफ्तारी के विरोध में यह प्रदर्शन किया। धरने के दौरान बड़ी संख्या में यूनियन कार्यकर्ता बस स्टैंड परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं।
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के सदस्य जसवीर सिंह ने बताया कि संगरूर में हड़ताल के दौरान पुलिस ने करीब 200 कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए थे। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों में से लगभग डेढ़ सौ मुलाजिमों को तो बाद में रिहा कर दिया गया, लेकिन अभी भी कई कर्मचारी पुलिस हिरासत में हैं। इसके अलावा जिन कर्मचारियों को छोड़ा गया है, उन्हें भी दोबारा काम पर नहीं रखा जा रहा, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर सरकार और प्रशासन के साथ कई बार बातचीत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज कर रहा है और उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
धरना प्रदर्शन के दौरान यूनियन सदस्यों ने मांग की कि सभी हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को तुरंत रिहा किया जाए और जिन मुलाजिमों को काम से हटाया गया है, उन्हें जल्द से जल्द दोबारा बहाल किया जाए। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसे राज्य स्तर तक भी बढ़ाया जा सकता है।
धरने के चलते बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा और आने-जाने वाले यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

