अमृतसर–जालंधर हाईवे पर टिप्पर पलटने से यातायात ठप, रेंगते रहे वाहन,घंटों बाधित रहा ट्रैफिक
जालंधर 12 फरवरी (सुखविंदर बग्गा) : वीरवार को दिन चढ़ते ही अमृतसर–जालंधर नेशनल हाईवे पर भारी जाम लगने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह के व्यस्त समय में लगे इस जाम के कारण कई लोग अपने कामकाज और दफ्तरों के लिए देर से पहुंचे, जबकि स्कूल जाने वाले बच्चों और यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार आज सुबह तड़के करीब 5 बजे पठानकोट से सुनाम की ओर जा रहा बजरी से भरा एक टिप्पर लंबा पिंड फ्लाईओवर पर चढ़ने से पहले अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। टिप्पर के पलटते ही उसमें भरी भारी मात्रा में बजरी सड़क पर बिखर गई, जिससे हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ ही समय में जाम की स्थिति गंभीर हो गई।
जाम इतना ज्यादा बढ़ गया कि लम्मा पिंड चौक से लेकर बिधिपुर फाटक तक करीब 4 से 5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सड़क पर फंसे वाहन घंटों तक रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते रहे। दफ्तर जाने वाले लोग, रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारी, व्यापारिक काम से निकले लोग और अन्य यात्री जाम में फंसकर परेशान नजर आए। कई लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ लोग लंबे समय तक जाम खुलने का इंतजार करते रहे।
घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस हरकत में आई। ट्रैफिक पुलिस के एएसआई बलवीर सिंह ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 7 बजे हादसे की जानकारी मिली, जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सड़क पर बिखरी बजरी को हटाने के लिए दूसरे टिप्पर तथा क्रेन का प्रबंध किया गया।
करीब दो से ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क पर फैली बजरी को इकट्ठा कर टिप्पर में भरकर साइड किया गया, जबकि क्रेन की मदद से पलटे हुए वाहन को हटाने का प्रयास किया गया। इस दौरान ट्रैफिक को सुचारु करने के लिए पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया, जिससे लोगों को रेंग-रेंग कर आगे बढ़ना पड़ा।
हादसे के बाद ट्रैफिक पुलिस के साथ थाना नंबर 8 की पुलिस भी मौके पर पहुंची और सड़क को साफ करवाने तथा यातायात व्यवस्था बहाल करने में जुटी रही। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे ट्रैफिक सामान्य होना शुरू हुआ, हालांकि काफी देर तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें बनी रहीं।
इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

