ओवरलोड बस खाई में गिरते ही मच गई चीख-पुकार, 14 लोगों की गई जान,कई घायल,पढ़े
न्यूज नेटवर्क 10 जनवरी (ब्यूरो) : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हरिपुरधार में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। शिमला से कुपवी जा रही एक ओवरलोड निजी बस सड़क पर जमे पाले के कारण फिसलकर करीब 100 मीटर नीचे गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में बस चालक समेत 14 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 52 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, 37 सीटर इस निजी बस में करीब 66 यात्री सवार थे। दोपहर करीब 2:40 बजे हरिपुरधार के पास बस अचानक सड़क पर फिसली और खाई में जा गिरी। बस के गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और यात्रियों को बस से बाहर निकालने लगे। कुछ ही देर में क्षेत्र एंबुलेंस के सायरनों से गूंज उठा।
जब तक प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, तब तक कई घायल गंभीर हालत में एक-दूसरे के ऊपर गिरे हुए थे। घायल मदद के लिए आवाजें लगाते रहे। बाद में पुलिस और राहत दल ने बचाव कार्य तेज किया और घायलों को एक-एक कर हरिपुरधार अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद गंभीर रूप से घायलों को नाहन मेडिकल कॉलेज, राजगढ़, सोलन, पीजीआई चंडीगढ़ और आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से पहले बस की छत पर भी कई यात्री बैठे हुए थे, हालांकि जिस स्थान पर बस खाई में गिरी, उस समय छत पर कोई सवारी मौजूद नहीं थी। क्षेत्र में आगामी दिनों में माघी का त्योहार शुरू होने वाला है, जिस कारण बसों में अत्यधिक भीड़ देखी जा रही है।
घायल यात्रियों ने बताया कि बस जैसे ही खाई की ओर झुकने लगी, अंदर अफरा-तफरी मच गई। बस के पलटते ही कई लोग एक-दूसरे के नीचे दब गए। चारों ओर चीखें और मदद की पुकार सुनाई दे रही थीं। बचाव दल के पहुंचने तक हालात बेहद भयावह बने रहे।
हादसे में जान गंवाने वालों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। मृतक सिरमौर और शिमला जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। बस वर्ष 2008 में खरीदी गई थी और इसकी फिटनेस अगले महीने समाप्त होने वाली थी, जबकि परमिट वर्ष 2028 तक वैध था। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। राज्य सरकार ने भी हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।


