Supreme Court on Toll Collection अगर सड़कें खराब है तो उस पर टोल वसूली नहीं : सुप्रीम कोर्ट
न्यूज़ नेटवर्क 20 अगस्त (ब्यूरो) : जब वाहनों के चलने लायक सड़क ही नहीं होगी तो उस पर Toll Tax क्यों लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि सड़कों पर टोल टैक्स वसूलना पूरी तरह गलत है। वही Court ने Keral High Court के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें त्रिशूर जिले के पल्लिक्करा Toll Plaza पर टोल वसूली रोकने का आदेश दिया गया था।
विवाद क्यों उठा?
6 August को केरल High Court ने एडापल्ली-मन्नुथी खंड की खराब स्थिति को देखते हुए, National Highway-544 के इस 65 किलोमीटर लंबे खंड पर चार हफ्तों के लिए टोल वसूली पर रोक लगा दी थी। High Court ने साफ तौर पर कहा था कि पहले सड़क की मरम्मत की जाए, उसके बाद ही टोल वसूला जा सकता है।
इस आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और Toll वसूली कंपनी ने Supreme Court का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने तर्क दिया कि सड़क केवल कुछ हिस्सों में ही खराब स्थिति में है।
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश को पलटने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा:
जिस सड़क पर एक घंटे का सफ़र 12 घंटे में पूरा होता है, उस पर लोगों से टोल क्यों वसूला जाए?
जनता पहले से ही ट्रैफ़िक जाम और गड्ढों से परेशान है, इसलिए उन्हें 150 रुपये देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
टोल बूथों पर अक्सर कर्मचारियों की कमी होती है, जो मनमाने तरीके से काम करते हैं। वाहन लंबी कतारों में खड़े रहते हैं, इंजन चलते रहते हैं इससे जनता की जेब और पर्यावरण पर बोझ पड़ता है।
केरल उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था
“लोगों को राजमार्ग का उपयोग करने के लिए टोल देना पड़ता है, लेकिन बदले में, NHAI की भी यह ज़िम्मेदारी है कि वह एक परेशानी मुक्त और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करे। जब यह भरोसा टूट जाए, तो कानून का सहारा लेकर जबरन टोल वसूलना उचित नहीं है।”


