जालंधर : केंद्र की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे बैंक कर्मचारी, देशव्यापी हड़ताल का समर्थन

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जालंधर : केंद्र की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे बैंक कर्मचारी, देशव्यापी हड़ताल का समर्थन

जालंधर 12 फरवरी (ब्यूरो) : जालंधर के श्री राम चौक (कंपनी बाग) स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर बुधवार को बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

 

जानकारी के अनुसार देशभर में विभिन्न ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और कर्मचारी संगठनों की ओर से किए गए बंद के आह्वान के तहत यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (एआईबीईए) द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील सहित कई मुद्दों के विरोध में यह कदम उठाया गया।

धरने के दौरान हरविंदर सिंह ने बताया कि यह केवल बैंक कर्मचारियों की हड़ताल नहीं है, बल्कि देशभर के विभिन्न विभागों में कार्यरत मजदूरों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया विरोध प्रदर्शन है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू करने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे मजदूरों के अधिकारों और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों के तहत कर्मचारियों से लंबे समय तक काम करवाने की व्यवस्था की जा रही है और नौकरी की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति के बजाय ठेके पर रखने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे भविष्य असुरक्षित हो रहा है। अग्निवीर योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट अवधि समाप्त होने के बाद युवाओं को रोजगार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बेरोजगारी बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और इसी उद्देश्य से देशभर में एक दिन की हड़ताल की जा रही है।

 

वहीं डिप्टी जनरल सेक्रेटरी विनोद शर्मा ने बताया कि बैंकों में नई भर्ती का मुद्दा भी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल है। उन्होंने कहा कि बैंकों में क्लर्कों और सफाई कर्मचारियों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की जा रही। इसके अलावा शनिवार को अवकाश घोषित किए जाने के बावजूद कई स्थानों पर इसे लागू नहीं किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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