विदेशी कॉल से रंगदारी और फिर फायरिंग, रामामंडी केस में बड़ा खुलासा,पढ़े

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विदेशी कॉल से रंगदारी और फिर फायरिंग, रामामंडी केस में बड़ा खुलासा,पढ़े

जालंधर 22 जनवरी (ब्यूरो) : मंगलवार को रामामंडी में कुबेर बिल्डर के मालिक सरबतेज सिंह, निवासी जसवंत नगर, की फॉर्च्यूनर पर फायरिंग करने वाले दो शूटरों को चंडीगढ़ पुलिस ने बुधवार सुबह जीरी मंडी चौक पर हुए एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों शूटरों के पैरों में गोली लगी है। जांच में सामने आया है कि बिल्डर पर फायरिंग की पूरी साजिश अमेरिका में बैठे गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ ने रची थी।

 

पुलिस के अनुसार, साबा ने 16 अगस्त को विदेशी नंबर से सरबतेज सिंह को कॉल कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। उस समय उसने बिल्डर और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। करीब पांच महीने बाद इस धमकी को अमलीजामा पहनाने के लिए बिल्डर को टारगेट कर फायरिंग करवाई गई।

 

जालंधर पुलिस अब शूटर राहुल निवासी हल्लो माजरा, चंडीगढ़ और विकास नगर निवासी 41 वर्षीय देवल शर्मा उर्फ रिक्की को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। इनके साथ वारदात में शामिल वैगनआर कार के 32 वर्षीय ड्राइवर कुलविंदर सिंह उर्फ प्रीत, निवासी मोहाली, को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि शूटर राहुल और रिक्की 18 जनवरी को रामामंडी आए थे। इससे पहले राहुल बिष्ट नाम के युवक से पुलिस ने नशा और अवैध असलहा बरामद किया था। पूछताछ में राहुल बिष्ट ने खुलासा किया था कि फायरिंग करने वाला राहुल अपने साथी रिक्की के साथ जालंधर गया है, जबकि वह खुद अपने साथी प्रीत के साथ चंडीगढ़ लौट आया था।

 

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी किस तरह अपने शिकार की पहचान करते थे। 32 वर्षीय राहुल बिष्ट, निवासी सेक्टर 46ए चंडीगढ़, ने मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की हुई है और वह एक लैब में काम करता था। मोहाली में खून के सैंपल लेने के दौरान उसके संपर्क अमेरिका में बैठे साबा से हो गए। साबा ने उसे पैसों और नशे का लालच देकर गैंग से जोड़ लिया और भरोसा दिलाया कि गैंग के लिए काम करने से उसकी जिंदगी संवर जाएगी।

राहुल बिष्ट का काम केवल मालदार लोगों की जानकारी जुटाना था। वह जब खून के सैंपल लेने जाता, तो उसे यह अंदाजा हो जाता था कि कौन सा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत है। इस दौरान उसे मरीज या उसके करीबी का मोबाइल नंबर भी मिल जाता था। वह यह सारी जानकारी साबा को भेज देता था, जिसके बाद साबा अमेरिका से ही फोन कर रंगदारी मांगता था।

प्लस-2 पास लैब असिस्टेंट राहुल बिष्ट ने बाद में राहुल को भी गैंग के लिए काम करने का ऑफर दिया और मोटी रकम का लालच दिया। पैसों के लालच में राहुल ने अपने 41 वर्षीय दोस्त देवल शर्मा उर्फ रिक्की को भी गैंग में शामिल कर लिया। पेशे से सोफा मेकर रिक्की की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। वहीं कुलविंदर सिंह उर्फ प्रीत टैक्सी चलाता था, इसी वजह से वह भी इनके संपर्क में आ गया और वारदात का हिस्सा बन गया।

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