इनोसेंट हार्ट्स स्कूल ने “एंब्रेसिंग हिस्ट्री, सेलिब्रेटिंग डायवर्सिटी” के साथ मनाया ‘वर्ल्ड हेरिटेज डे’,पढ़े

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जालंधर 18 अप्रैल (ब्यूरो) : इनोसेंट हार्ट्स की पाँचों ब्रांचों (ग्रीन मॉडल टाउन, लोहारां, कैंट जंडियाला रोड, नूरपुर रोड व कपूरथला रोड) ने आज संयुक्त रूप से यूनाइटेड नेशंस की थीम “एंब्रेसिंग हिस्ट्री,सेलिब्रेटिंग डायवर्सिटी” के तहत ‘वर्ल्ड हेरिटेज डे’ मनाया। इस अवसर पर समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व को पुनः स्थापित किया गया।

जैसा कि सतत विकास लक्ष्य 4 (एसडीजी 4) में उल्लेखित है। कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों ने विभिन्न रचनात्मक व डिजिटल-साक्षरता से प्रेरित गतिविधियों में भाग लिया, जिसने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।

दिवस समारोह के मुख्य आकर्षण : कक्षा I-III: “हमारा देश, हमारी शान – इनक्रेडिबल इंडिया”: नन्हे विद्यार्थियों ने भारत के स्मारकों, त्योहारों और लोक परंपराओं को दर्शाने वाले रंगीन पावरपॉइंट स्लाइड शो देखे। डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा क्लब के पीयर एजुकेटर्स ने यह दिखाने के लिए एक लघु वीडियो प्रेजेंटेशन और पीपीटी प्रस्तुत की कि डिजिटल टूल्स का प्रयोग किस प्रकार से जिम्मेदारीपूर्वक विरासत को संरक्षित और प्रचारित करने में किया जा सकता है। कक्षा IV-V के छात्रों ने वर्चुअल स्मारक यात्रा : विशेष वीडियो क्लिप्स के माध्यम से छात्रों ने ताजमहल, लाल किला और हम्पी जैसे ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा की।

पियर एजुकेटर्स ने प्रत्येक साइट के इतिहास, वास्तुशिल्प चमत्कारों और यात्रा संबंधी जानकारी का लाइव वर्णन किया।कक्षा VII-VIII के छात्रों के लिए एक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया था। छात्रों को उनके मेंटर्स के साथ “जंग-ए-आज़ादी” जैसे ऐतिहासिक स्थल की यात्रा पर ले जाया गया, जहाँ उन्होंने इस स्थान के ऐतिहासिक महत्व को जानने के लिए एक गाइडेक वॉक-थ्रू में भाग लिया। विश्व धरोहर स्थलों, भारतीय सांस्कृतिक तथ्यों और संरक्षण उपायों पर आधारित एक रोचक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई‌। विजेताओं को “हेरिटेज चैंपियंस” का खिताब दिया गया और उन्हें विशेष प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया गया।

इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अनूप बौरी ने ने कहा कि पाँचो स्कूलों ने वर्ल्ड हेरिटेज डे को अत्यंत उत्साह के साथ मनाया। हमारा उद्देश्य छात्रों को केवल अपने अतीत के बारे में सिखाना नहीं था बल्कि उन्हें ऐसे डिजिटल कौशल से भी सशक्त बनाना था, जिससे वह 21वीं सदी में अपने धरोहर की रक्षा कर सकें।

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