जागरूकता से बची जान: चाइना डोर में फंसे बाज को मिला नया जीवन,पढ़े

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जागरूकता से बची जान: चाइना डोर में फंसे बाज को मिला नया जीवन,पढ़े

जालंधर 9 अप्रैल (ब्यूरो) : पिछले लंबे समय से जानलेवा चाइना डोर को लेकर कई दर्दनाक हादसे सामने आ चुके हैं। यह घातक डोर न सिर्फ इंसानों के लिए खतरा बन रही है, बल्कि बेजुबान पक्षियों की जान भी ले रही है। कई बार लोग बाइक या स्कूटर चलाते समय इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, वहीं अनगिनत पक्षी भी इस डोर में फंसकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद बाजार में इसकी बिक्री और उपयोग पूरी तरह से थम नहीं पाया है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।

 

ऐसा ही एक मामला वीरवार को जालंधर के दोमोरिया पुल के नजदीक सामने आया, जहां एक खंभे के साथ उलझी चाइना डोर में एक बाज पक्षी बुरी तरह फंस गया। पक्षी की हालत इतनी खराब थी कि वह खुद को छुड़ा पाने में पूरी तरह असमर्थ हो चुका था और तड़प रहा था।

 

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, दोमोरिया पुल के पास स्थित शर्मा साइकिल स्टैंड के मालिक पुष्पिंदर शर्मा रोजाना की तरह सुबह अपने स्टैंड पर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने बाहर नजर डाली, तो देखा कि एक पक्षी तारों और चाइना डोर के जाल में बुरी तरह फंसा हुआ है। पक्षी लगातार छटपटा रहा था, जिसे देख तुरंत उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना देर किए फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि पक्षी ऊंचाई पर तारों और डोर के बीच उलझा हुआ था। बड़ी सावधानी और सूझबूझ के साथ टीम ने पक्षी को नीचे उतारा। नीचे लाने के बाद भी स्थिति आसान नहीं थी, क्योंकि पक्षी का एक पंख चाइना डोर में बहुत बुरी तरह से फंसा हुआ था।

इसके बाद पुष्पिंदर शर्मा और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने मिलकर बेहद सावधानी से कैंची की मदद से डोर को काटा, ताकि पक्षी को कोई अतिरिक्त चोट न पहुंचे। काफी प्रयासों के बाद आखिरकार पक्षी को इस खतरनाक जाल से मुक्त कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि थोड़ी देर बाद पक्षी ने फिर से उड़ान भरी और आसमान में लौट गया।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि चाइना डोर कितनी खतरनाक हो चुकी है। यह केवल एक पतंग उड़ाने की डोर नहीं, बल्कि जानलेवा हथियार बन गई है। प्रशासन द्वारा कई बार इस पर प्रतिबंध लगाने और कार्रवाई करने के बावजूद, लोग सस्ती और मजबूत होने के कारण इसका उपयोग करते रहते हैं, जिससे ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं।

इस घटना में पुष्पिंदर शर्मा की सतर्कता और मानवता भरा कदम काबिल-ए-तारीफ है, जिन्होंने समय रहते पक्षी की जान बचाने के लिए पहल की। वहीं फायर ब्रिगेड टीम की तत्परता और मेहनत भी सराहनीय रही, जिन्होंने जोखिम उठाकर एक बेजुबान जीव को नई जिंदगी दी।

जरूरत है कि लोग खुद जागरूक बनें और जानलेवा चाइना डोर का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करें। साथ ही, अगर कहीं भी इस तरह की स्थिति नजर आए, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। थोड़ी सी सावधानी और जिम्मेदारी न सिर्फ इंसानों, बल्कि बेजुबान पक्षियों की जान भी बचा सकती है।

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