पंजाबी संगीत जगत को बड़ा झटका, मास्टर सलीम के पिता पूरण शाह कोटी का निधन,देखें वीडियो

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पंजाबी संगीत जगत को बड़ा झटका, मास्टर सलीम के पिता पूरण शाह कोटी का निधन,देखें वीडियो

जालंधर 22 दिसंबर (ब्यूरो) : पंजाबी संगीत जगत के लिए यह समय बेहद शोकपूर्ण और भावुक करने वाला है। प्रसिद्ध पंजाबी गायक मास्टर सलीम के पिता और महान संगीत गुरु पूरण शाह कोटी का निधन हो गया है। उनके जाने से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा पंजाबी संगीत जगत गहरे दुख में डूब गया है। उनके निधन की खबर सामने आते ही कलाकारों, संगीत प्रेमियों और सामाजिक हस्तियों में शोक की लहर दौड़ गई। इसे पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक ऐसे युग का अंत माना जा रहा है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।

पूरण शाह कोटी का नाम पंजाबी लोक और सूफी संगीत की दुनिया में बड़े सम्मान और आदर के साथ लिया जाता रहा है। वे सिर्फ एक गायक या कलाकार नहीं थे, बल्कि एक ऐसे गुरु थे जिन्होंने संगीत को साधना की तरह जिया और सिखाया। उनका मानना था कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मा को शांति देने और समाज को जोड़ने का सशक्त जरिया है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संगीत को समर्पित किया।

अपने लंबे और समृद्ध संगीत सफर में पूरण शाह कोटी ने कई शिष्यों को तैयार किया, जिन्होंने आगे चलकर पंजाबी संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मशहूर गायक हंस राज हंस और जसबीर जस्सी जैसे बड़े नाम भी उनके शिष्यों में शामिल रहे हैं। इन कलाकारों ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह स्वीकार किया कि उनके गायन, सुरों की समझ और संगीत की गहराई के पीछे पूरण शाह कोटी का मार्गदर्शन रहा है। वे उन्हें केवल गुरु ही नहीं, बल्कि पिता समान मानते थे।

पूरण शाह कोटी ने पंजाबी लोक और सूफी संगीत को न सिर्फ संरक्षित किया, बल्कि उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी काम किया। उन्होंने पारंपरिक संगीत की आत्मा को बनाए रखते हुए उसे आधुनिक समय के साथ जोड़ने की कोशिश की। यही वजह है कि उनका योगदान केवल मंच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगीत अकादमियों, रियाज़ और शिष्य परंपरा के जरिए आगे बढ़ता रहा।

जानकारी के अनुसार, पूरण शाह कोटी अपने बेटे मास्टर सलीम के साथ जालंधर के देयोल नगर में रहते थे। वे अपने परिवार के बेहद करीब थे और आखिरी समय तक संगीत से जुड़े रहे। उनके निधन की खबर मिलते ही कई कलाकार, शिष्य और शुभचिंतक उनके निवास स्थान पर पहुंचे और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सोशल मीडिया पर भी लगातार श्रद्धांजलि संदेश साझा किए जा रहे हैं, जिनमें लोग उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें सच्चा संगीत साधक बता रहे हैं।

मास्टर सलीम के लिए यह व्यक्तिगत रूप से बहुत बड़ी क्षति है। उनके पिता न सिर्फ उनके जन्मदाता थे, बल्कि उनके पहले गुरु और सबसे बड़े प्रेरणास्रोत भी थे। संगीत की दुनिया में मास्टर सलीम की पहचान के पीछे पूरण शाह कोटी की तपस्या और मार्गदर्शन को हमेशा याद किया जाएगा।

पूरण शाह कोटी का जाना पंजाबी संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन, उनकी साधना और उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। पंजाबी लोक और सूफी संगीत के इतिहास में उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा और उन्हें एक ऐसे गुरु के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने संगीत को सिर्फ सिखाया नहीं, बल्कि जिया।

 

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