जालंधर : ट्रैफिक चेकिंग के दौरान बवाल, ऑटो चालक और पुलिस में नोकझोंक

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जालंधर : ट्रैफिक चेकिंग के दौरान बवाल, ऑटो चालक और पुलिस में नोकझोंक

जालंधर 20 फरवरी (ब्यूरो) : जालंधर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर विवाद का मामला सामने आया, जहां सिविल अस्पताल जालंधर के बाहर पुलिस और ऑटो चालक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया और आसपास लोगों की भीड़ जुट गई।

 

मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को जालंधर के भगवान वाल्मीकि चौंक में एक ऑटो चालक मरीज को अस्पताल छोड़ने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा था। चालक का कहना है कि जैसे ही वह मरीज को उतारकर बाहर निकला, पुलिस ने उसका ऑटो रोक लिया और दस्तावेज जांचने शुरू कर दिए। दस्तावेज चेक करने के बाद चालान काटने की बात सामने आई तो मामला गरमा गया।

 

 

विवाद उस समय और बढ़ गया जब थाना 4 की पुलिस ऑटो को थाने ले जाने की बात कहने लगी। ऑटो चालक ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पुलिस चालान काट सकती है, लेकिन बिना इंपाउंड किए उसका ऑटो थाने नहीं ले जाया जा सकता। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस तेज हो गई।

 

 

वहीं पुलिस कर्मियों का कहना था कि चालक को दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया था, लेकिन वह दस्तावेज पेश नहीं कर पाया, जिसके चलते वाहन को थाने ले जाने की कार्रवाई की जा रही थी।

घटना के दौरान ऑटो चालक ने पुलिस पर पक्षपात के आरोप भी लगाए। उसका कहना था कि वन-वे जोन होने के बावजूद कई अन्य ऑटो चालक खुलेआम नियमों का उल्लंघन करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। उसने आरोप लगाया कि वह मरीज की जान बचाने के लिए अस्पताल आया था, फिर भी उसे ही निशाना बनाया गया। चालक ने यह भी कहा कि कैमरे के सामने दिखावे के लिए पुलिस अन्य ऑटो चालकों के चालान काटने लगी, जबकि इलाके में अक्सर बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं।

हंगामे की सूचना मिलते ही कांग्रेस पार्षद शैरी चड्ढा मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। दूसरी ओर पुलिस अधिकारी कुलवंत ने बताया कि वन-वे जोन में ऑटो चलाना प्रतिबंधित है, लेकिन कई चालक नियमों की अनदेखी कर वहां पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि वाहन में मरीज हो तो आमतौर पर कार्रवाई से बचा जाता है।

ट्रैफिक इंचार्ज के अनुसार पुलिस ने पहले चालक को चौक पर रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वह नहीं रुका। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने बाइक से पीछा कर उसे रोका और दस्तावेज दिखाने को कहा, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। ऑटो चालक ने पुलिस पर गाड़ी की चाबी निकालने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया।

काफी देर तक चले हंगामे और समझाइश के बाद मामला शांत हो सका। घटना ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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