जालंधर में फर्जी पुलिस बनकर लूट करने वाला गैंग गिरफ्तार, रात के समय में देते थे वारदात को अंजाम
जालंधर 18 फरवरी (ब्यूरो) : जालंधर में फर्जी पुलिस बनकर लोगों को लूटने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना नई बारादरी की पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने बयान जारी कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कर्णवीर सिंह उर्फ करन, सरबजीत सिंह उर्फ शेंटी, अमनपाल सिंह उर्फ रिंकू और मनप्रीत सिंह उर्फ मंत्र के रूप में हुई है। सभी आरोपी कोट बाबा दीप सिंह नगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देर रात अकेले राहगीरों को निशाना बनाता था और उन्हें पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लूटपाट करता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें, एक दातर और एक वॉकी-टॉकी बरामद किया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से तीन के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
पुलिस को इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी 14 जनवरी को रात करीब पौने एक बजे मिली, जब राज कुमार शर्मा और उनके दोस्त मनप्रीत ने शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में बताया गया कि देर रात आरोपियों ने उन्हें रोककर डराया-धमकाया और उनसे 9660 रुपये नकद तथा आईफोन छीनकर फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की और 9 फरवरी को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के दो सदस्य फर्जी पुलिस वर्दी पहनकर लोगों को रोकते थे और उनसे पूछताछ करने का नाटक करते थे। इस दौरान एक अन्य आरोपी थोड़ी दूरी पर खड़ा होकर वॉकी-टॉकी के माध्यम से वाहन चालकों के दस्तावेजों की जांच का दिखावा करता था। दस्तावेज पूरे न होने का भय दिखाकर आरोपियों द्वारा लोगों से नकदी और कीमती सामान लूट लिया जाता था।
पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि कर्णवीर और अमनपाल थानेदार जैसे जूते और पगड़ी पहनकर ऊपर से जैकेट डाल लेते थे, जबकि सरबजीत सादे कपड़ों में उनके साथ रहता था। आरोपी पहले घूम-घूमकर चश्मे बेचने का काम करते थे, लेकिन बाद में नशे की लत लगने के कारण उन्होंने करीब दो महीने पहले यह गैंग बना लिया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि नशे की पूर्ति के लिए उन्होंने लूटपाट शुरू की और उन्हें खुद भी याद नहीं कि पिछले दो महीनों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक बाइक भी लूटी थी। इसके अलावा वे दिन के समय एक मजदूर के घर पहुंचे और उसे रात में ट्रिपलिंग करने का आरोप लगाकर कैमरे में कैद होने की बात कही। बाइक जब्त करने का डर दिखाकर वे वाहन लेकर फरार हो गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके खिलाफ नशे से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।

