रोडवेज डिपो में मारपीट का आरोप, युवक घायल, परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में घटना होने का किया दावा
जालंधर 28 जनवरी (ब्यूरो) :
बुधवार देर रात बस स्टैंड के पास स्थित रोडवेज डिपो नंबर दो में रोडवेज कर्मचारियों और दो सगे भाइयों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान एक भाई के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए बस स्टैंड चौकी में जमकर हंगामा किया।
घायल युवक के परिजनों का आरोप है कि यह पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने न तो बीच-बचाव किया और न ही घायल को तुरंत मेडिकल सहायता दिलवाई। परिवार का कहना है कि उल्टा पुलिस ने घायल युवक को ही थाने लाकर बैठा लिया।
पीड़ित युवक के बड़े भाई अमित ने बताया कि वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। उसका सबसे छोटा भाई इमीग्रेशन का काम करता है और किसी दस्तावेज से संबंधित कार्य के लिए बस स्टैंड स्थित रोडवेज डिपो नंबर दो की वर्कशॉप के बाहर पहुंचा था। इसी दौरान गेट के बाहर कार खड़ी करने को लेकर रोडवेज कर्मचारियों के साथ उसकी कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई।
परिजनों का आरोप है कि रोडवेज कर्मचारियों ने छोटे भाई को जबरदस्ती एक केबिन में ले जाकर बंद कर दिया। जब उसने खुद को केबिन में बंद पाया तो उसने अपने दूसरे भाई अंकित को फोन कर इसकी जानकारी दी। अंकित मौके पर पहुंचा और केबिन का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। जोर लगाने पर दरवाजा टूट गया।
आरोप है कि इसके बाद रोडवेज के कर्मचारी दोबारा मौके पर आए और अंकित को घसीटते हुए डिपो के अंदर ले गए, जहां करीब 20 से 25 कर्मचारियों ने पुलिस की मौजूदगी में उसके साथ मारपीट की। परिवार का कहना है कि पुलिस ने उसे बचाने की बजाय पकड़कर थाने ले आई और इलाज की व्यवस्था नहीं की गई।
वहीं बस स्टैंड चौकी के इंचार्ज मोहिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम युवक को झगड़े के दौरान भीड़ से बचाकर थाने लेकर आई थी। उनके अनुसार युवक को हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


