प्रार्थना भगवान् से मिलने का सर्वोत्तम साधन-नवजीत भारद्वाज

जालंधर 6 दिसंबर (ब्यूरो) : मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नजदीक लम्मां पिंड चौक में श्री शनिदेव महाराज के निमित्त श्रृंखलाबद्ध हवन यज्ञ का आयोजन मंदिर परिसर में किया गया। सर्व प्रथम मुख्य यजमानो पूनम प्रभाकर एवं रिंकू सैनी से वैदिक रीति अनुसार गौरी गणेश, नवग्रह, पंचोपचार, षोडशोपचार, कलश, पूजन उपरांत ब्राह्मणों ने आए हुए सभी भक्तों से हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई । इस सप्ताह श्री शनिदेव महाराज के जाप उपरांत मां बगलामुखी जी के निमित्त भी माला मंत्र जाप एवं हवन यज्ञ में विशेष रूप आहुतियां डाली गई। हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत नवजीत भारद्वाज ने आए हुए भक्तों से रामचरित मानस के दोहे का सुमरिन करते हुए कहा कि

न रघुपति बिनु अनुरागा
किएँ जोग तप ग्यान बिरागा
तन से कर्म करहु विधि नाना
मन राखहु जहँ कृपानिधाना
मन ते सकल बासना भागी
केवल राम चरन लय लागी

नवजीत भारद्वाज ने इस दोहे का अर्थात् बताते हुए कहा कि भगवान् के श्रीचरणकमल में अन्त: करण को जोड़ देना ही योग है। भगवान् के स्मरण और चिन्तन में एक आनन्द की अनुभूति होती है। भगवान् को यदि हम हृदय से प्यार करेंगे तो उनका ध्यान सदैव बना रहेगा।
उनका स्मरण और चिन्तन करने से प्रेम बढ़ेगा, हृदय में भगवान् के नाम की मस्ती छाई रहेगी और भगवान् से मिलने के लिए विरहाग्नि जागृत हो जाएगी।अन्त:करण का सबसे बड़ा आकर्षण प्रेम है।

 

भगवान् भक्त के अन्त:करण को अपनी ओर आकर्षित करते रहते हैं। इससे भक्त का भगवान् से योग बना रहता है। बिना प्रेम के यदि बलपूर्वक मन को भगवान् में लगाया भी जाए तो वहाँ वह अधिक देर तक नहीं स्थिर रह सकता, क्योंकि मन चंचल है और यह हठात विषयों की ओर चला जाता है। जीवात्मा में जीवन है और वह हर चीज को अनुभव और अन्त में सभी कर्मों का उत्तरदायित्व जीव-आत्मा का ही है। ईश्वर को अपने कर्मों का हिसाब भी जीव-आत्मा को ही देना पड़ता है। अपने-आप को भगवान् के श्री चरणकमलों में समर्पित कर, अपने कल्याण के लिए प्रार्थना करनी चाहिए, क्योंकि प्रार्थना भगवान् से मिलने का सर्वोत्तम साधन है। भगवान के जप और प्रार्थना से ही भक्ति का उदय होता है।
इस अवसर पर राकेश प्रभाकर बलजिंदर सिंह, एडवोकेट राज कुमार, निर्मल शर्मा, श्वेता भारद्वाज,सरोज बाला,अमरजीत सिंह,वावा जोशी,गौरी केतन शर्मा,सौरभ अरोडा,किंवीन शर्मा,नवदीप,उदय, अभिनंदन प्रभाकर,अजीत कुमार, संजय अरोड़ा, तमन्ना अरोड़ा,अश्विनी शर्मा धूप वाले, मुनीश शर्मा, दिशांत शर्मा,अमरेंद्र शर्मा, मानव शर्मा, बावा खन्ना, विवेक शर्मा, शाम लाल, अभिलक्षय चुघ,सुनील,राजीव, मनदीप सिंह,राजन शर्मा, प्रिंस, ठाकुर बलदेव सिंह, अजीत साहू,प्रवीण, दीपक ,अनीश शर्मा, साहिल,मनी सिंह,साहिल, ब्रजेश कुमार शर्मा,सुनील जग्गी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। आरती उपरांत प्रसाद रूपी लंगर का भी आयोजन किया गया।

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