पुलिस नाके के साए तले चोरी, सुरक्षा दावों की खुली पोल,पढ़े
न्यूज नेटवर्क 22 जनवरी (ब्यूरो) :
पंजाब सरकार के ऑपरेशन प्रहार के तहत जगरांव में बुधवार को सुबह से लेकर देर रात तक पुलिस ने सड़कों पर नाकेबंदी की। पुलिस की ओर से सख्ती के दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई। थाना सिटी से कुछ ही दूरी पर और 24 घंटे पुलिस नाका होने के दावे वाले इलाके में हुई चोरी की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रायकोट अड्डा के पास स्थित गर्ग क्लिनिक में अज्ञात चोर ग्रिल तोड़कर अंदर दाखिल हुए। चोर क्लिनिक से करीब 10 हजार रुपये की नकदी के साथ सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए। हैरानी की बात यह है कि चोरी की यह वारदात उस क्षेत्र में हुई, जहां रोजाना पुलिस की मौजूदगी का दावा किया जाता है।
घटना का पता बुधवार सुबह उस समय चला, जब एक जानकार ने क्लिनिक की खिड़की का शीशा और ग्रिल टूटी देख इसकी सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे क्लिनिक संचालक डॉ. रजिंदर गर्ग ने चोरी की पुष्टि की।
वारदात के बाद इलाके के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि जब पुलिस नाके के पास ही चोरी हो रही है, तो पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है। लोगों ने सवाल उठाए कि क्या पुलिस सिर्फ आम लोगों की तलाशी लेकर अपनी ड्यूटी पूरी कर रही है, जबकि अपराधियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा।
ऑपरेशन प्रहार के तहत दिखाई जा रही सख्ती के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं, जिससे जगरांव की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


