“एक भारत श्रेष्ठ भारत”के संदेश के साथ इनोसेंट हार्ट्स में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा फन फेयर का आयोजन

जालन्धर 9 नवम्बर (ब्यूरो) : इनोसेंट हार्ट्स कपूरथला रोड तथा केंट जंडियाला रोड में एक भारत श्रेष्ठ भारत थीम के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं फन फेयर के दौरान बच्चों तथा उनके अभिभावकों ने मिलकर खूब मस्ती की। रंगारंग कार्यक्रम के साथ-साथ फन गेम्स का भी आयोजन किया गया। इस फन फेयर में विद्यार्थियों ने बहुत उत्साह से भाग लिया तथा गेम्स का आनंद उठाया।

कपूरथला रोड स्थित इनोसेंट हार्ट स्कूल में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध उद्योगपति सरदार गुरु सेवक सिंह जी कालड़ा , सरदार अमरजोत सिंह जी कालड़ा एवं सरदार प्रितपाल सिंह जी चावला उपस्थित थे। जिनका स्वागत कपूरथला रोड स्थित स्कूल की डायरेक्टर पूनम नारंग तथा प्रिंसिपल शीतू खन्ना ने किया। इस अवसर पर इनोसेंट हार्ट के अध्यक्ष डॉक्टर अनूप बौरी तथा बौरी मेमोरियल एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट की सीएसआर डायरेक्ट डॉक्टर पलक गुप्ता बौरी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

 

कैंट जंडियाला रोड स्थित इनोसेंट हार्ट्स स्कूल में मुख्य अतिथि की भूमिका एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऑफ़ कॉलेज आराधना बौरी ने निभाई जिनका स्वागत विद्यालय की प्रिंसिपल सोनाली मनोचा तथा इनो किड्स की कोऑर्डिनेटर गुरमीत कौर ने किया। कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि में आकाश में गुब्बारे छोड़कर किया तालियों की गड़गड़ाहट से सारा माहौल गूंज उठा।

इस फन फेयर में विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया प्रेम,जज्बे तथा देश भक्ति के जोश को डांस के माध्यम से आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अभिभावकों ने बहुत सराहना की। सभी ने फूड ज़ोन का भरपूर आनंद लिया। किड्स जोन में छोटे बच्चों ने राइड्स पर खूब मस्ती की तथा गेम जोन में अभिभावकों ने हर प्रकार की खेल का आनंद उठाया। इस अवसर पर विभिन्न खेलों के साथ-साथ व्यंजनों , बेकरी आदि के स्टॉल्स भी लगाए गए।इस अवसर पर फैंसी ड्रेस, गायन ,सोलो डांस एवं कलरिंग प्रतियोगिता आकर्षण के केंद्र रहे ।

निर्णायक गणों की भूमिका निभाने वाले सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि तथा गेस्ट ऑफ़ ऑनर को स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया। विजयी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।

 

इनोसेंट हार्ट्स के अध्यक्ष डॉ अनूप बौरी ने बताया कि विद्यालय में इस प्रकार की गतिविधियां करवाने का उद्देश्य बच्चों के सृजनात्मक तथा उनमें छिपी प्रतिभा को उजागर करना है। समय-समय पर विद्यालय में इस प्रकार की आयोजन किए जाते हैं।

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